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ExamBharo · UP PGT 2016 — Sanskrit (Series A) · exambharo.com/up-pgt/previous-year-papers/up-pgt-2016-sanskrit-series-a/

Question paper · UP PGT

UP PGT 2016 — Sanskrit (Series A)

1 or 2 February 2019125 questions+3.4 for a correct answer, −0 for a wrong one

Questions from the U.P. Secondary Education Services Selection Board’s paper of 1 or 2 February 2019. Each question’s answer is under it, hidden until you open it, and the full answer key is at the end. Take the paper as a timed practice test to be scored.

The official booklet is a scan with no text, so ExamBharo typed this paper from it by hand. A typing slip is possible; report one through the contact page.

The board deleted questions 22, 27, 88, 96, 101 and 119 in its final answer key: shown here, with no answer, and not counted in the score.

Sanskrit

  1. 1. राजा शूद्रक की राजधानी थी

    • (a) उज्जयिनी
    • (b) अयोध्या
    • (c) विदिशा
    • (d) धारांनगरी
    Show answer

    Answer: (c)

  2. 2. “अहो दुरन्ता बलवद्विरोधिता” यह सूक्ति है

    • (a) शिशुपालवध में
    • (b) किरातार्जुनीय में
    • (c) रघुवंश में
    • (d) कुमारसम्भव में
    Show answer

    Answer: (b)

  3. 3. अभिज्ञानशाकुन्तल के नान्दीपाठ में भगवान शिव की मूर्तियां निर्दिष्ट हैं

    • (a) पांच
    • (b) नव
    • (c) ग्यारह
    • (d) आठ
    Show answer

    Answer: (d)

  4. 4. “मलिनमपि हिमांशोर्लक्ष्म लक्ष्मीं तनोति” यहां पर लक्ष्म और लक्ष्मी का अर्थ है

    • (a) लक्ष्य और लक्ष्मी देवी
    • (b) लाक्षा और विष्णुपत्नी
    • (c) चिह्न और शोभा
    • (d) अमृत और छवि
    Show answer

    Answer: (c)

  5. 5. मृच्छकटिक की नायिका है

    • (a) वसन्तसेना
    • (b) विचर्चिका
    • (c) मालती
    • (d) सागरिका
    Show answer

    Answer: (a)

  6. 6. कर्मयोग का सिद्धान्त प्रतिपादित है

    • (a) सांख्यतत्व कौमुदी में
    • (b) तर्कभाषा में
    • (c) वेदान्तसार में
    • (d) श्रीमद्भगवद्गीता में
    Show answer

    Answer: (d)

  7. 7. “सत्कार्यवाद सिद्धान्त” उपलब्ध होता है

    • (a) सिद्धान्तकौमुदी में
    • (b) सांख्यकारिका में
    • (c) वेदान्तसार में
    • (d) तर्कभाषा में
    Show answer

    Answer: (b)

  8. 8. प्रत्यक्ष प्रमाण का अवगम होता है

    • (a) अनुमान से
    • (b) शब्द से
    • (c) षोढ़ा सन्निकर्ष से
    • (d) अभाव से
    Show answer

    Answer: (c)

  9. 9. आरोपित शब्द व्यापार का दूसरा नाम है

    • (a) व्यञ्जना व्यापार
    • (b) तात्पर्य व्यापार
    • (c) अभिधा व्यापार
    • (d) लक्षणा व्यापार
    Show answer

    Answer: (d)

  10. 10. “वर्णसाम्यमनुप्रासः” यह अनुप्रास अलङ्कार का लक्षण है

    • (a) साहित्यदर्पण के अनुसार
    • (b) काव्यप्रकाश के अनुसार
    • (c) चन्द्रालोक के अनुसार
    • (d) अलङ्कार सर्वस्व के अनुसार
    Show answer

    Answer: (b)

  11. 11. भाषाविज्ञान के अर्थपरिवर्तन कारणों में जो कारण नहीं है वह है

    • (a) अर्थविस्तार
    • (b) अर्थसङ्कोच
    • (c) अर्थव्यञ्जकता
    • (d) अर्थविपर्यय
    Show answer

    Answer: (c)

  12. 12. “पाणिपादम्” में समास है

    • (a) इतरेतरद्वन्द्व
    • (b) समाहार द्वन्द्व
    • (c) कर्मधारय
    • (d) बहुव्रीहिः
    Show answer

    Answer: (b)

  13. 13. प्रच्छ धातु में क्त्वा प्रत्यय के योग से रूप बनता है

    • (a) पृष्ट्वा
    • (b) प्रष्ट्वा
    • (c) प्रच्छत्वा
    • (d) प्रच्छित्वा
    Show answer

    Answer: (a)

  14. 14. सुभाषितं हारि विशत्यधो, गलान्न दुर्जनस्यार्करिपोरिवामृतम् । यह सूक्ति उद्धृत है

    • (a) कादम्बरी से
    • (b) शिशुपालवध से
    • (c) अभिज्ञानशाकुन्तल से
    • (d) नीति शतक
    Show answer

    Answer: (a)

  15. 15. “नमस्तस्मै कृता येन रम्या रामायणी कथा” यह कहकर महर्षि वाल्मीकि का अभिवादन किया गया है

    • (a) कादम्बरी में
    • (b) रामायण में
    • (c) नलचम्पू में
    • (d) अभिज्ञानशाकुन्तल में
    Show answer

    Answer: (c)

  16. 16. निम्न में से नलचम्पू की सूक्ति है

    • (a) नैको रसः कवेः
    • (b) सर्वसहा सूरयः
    • (c) उपर्युक्त दोनों
    • (d) इनमें से कोई नहीं
    Show answer

    Answer: (c)

  17. 17. शिशुपालवध महाकाव्य के प्रथमसर्ग में प्रयुक्त छन्द हैं

    • (a) वंशस्थ, पुष्पिताग्रा, शिखरिणी
    • (b) वंशस्थ, पुष्पिताग्रा, मन्दाक्रान्ता
    • (c) वंशस्थ, पुष्पिताग्रा, शार्दूलविक्रीडित
    • (d) मन्दाक्रान्ता, पुष्पिताग्रा, शिखरिणी
    Show answer

    Answer: (c)

  18. 18. रथाङ्गपाणिः पद में समास है

    • (a) तत्पुरुष
    • (b) कर्मधारय
    • (c) बहुव्रीहि
    • (d) द्वन्द्व
    Show answer

    Answer: (c)

  19. 19. मृच्छकटिक की कथावस्तु किस नगर से सम्बद्ध है ?

    • (a) उज्जयिनी नगर से
    • (b) अयोध्या नगर से
    • (c) काशी नगर से
    • (d) काञ्ची नगर से
    Show answer

    Answer: (a)

  20. 20. निम्न में से मृच्छकटिक का सहवचन है

    • (a) सुखं हि दुःखान्यनुभूय शोभते
    • (b) विभवाऽनुगता भार्या
    • (c) शून्यमपुत्रस्य गृहम्
    • (d) उपर्युक्त तीनों
    Show answer

    Answer: (d)

  21. 21. पञ्चीकरण प्रक्रिया का विशद विवेचन है

    • (a) तर्कभाषा में
    • (b) सांख्यकारीका में
    • (c) वेदान्तसार में
    • (d) उपर्युक्त तीनों में
    Show answer

    Answer: (c)

  22. 22. अधोलिखित में से सत्कार्यवाद का हेतु नहीं है

    • (a) असद्करण
    • (b) उपादानग्रहण
    • (c) सर्वसम्भवभाव
    • (d) शक्त का शक्यकरण
    Show answer

    Answer: —

  23. 23. सांख्यकारिका के अनुसार सत्य गुण में नहीं होता है

    • (a) लाघव
    • (b) प्रकाशकत्व
    • (c) उपर्युक्त दोनों
    • (d) चलत्व
    Show answer

    Answer: (d)

  24. 24. अधोलिखित में से श्रीमद्भगवद्गीता में जो नहीं कहा गया

    • (a) ईशावास्यमिदं सर्वम्
    • (b) कर्मब्रह्मोद्भवं विद्धि
    • (c) योगस्थः कुरु कर्माणि
    • (d) ओमित्येकाक्षरं ब्रह्म
    Show answer

    Answer: (a)

  25. 25. कुमारपालित, पात्र के रूप में वर्णित है

    • (a) मृच्छकटिक में
    • (b) कादम्बरी में
    • (c) नलचम्पू में
    • (d) शिशुपालवध में
    Show answer

    Answer: (b)

  26. 26. गद्यकाव्य का निम्न से जो प्रभेद नहीं है

    • (a) वृत्तगन्धि
    • (b) चूर्णक
    • (c) कल्लिका प्राय
    • (d) मुक्तक
    Show answer

    Answer: (c)

  27. 27. वेताल पञ्चविंशतिका ग्रन्थ के लेखक हैं

    • (a) त्रिविक्रमभट्ट
    • (b) त्रिविक्रमसेन
    • (c) त्रिबलादित्य
    • (d) त्रिरत्नाकर
    Show answer

    Answer: —

  28. 28. कथा साहित्य के रचनाकार के रूप में किसकी गणना नहीं है ?

    • (a) क्षमाराव
    • (b) महालिङ्ग शास्त्री
    • (c) नरहरि
    • (d) रङ्गनाथाचार्य
    Show answer

    Answer: (c)

  29. 29. निम्नलिखित में से कौन कवयित्री संस्कृत साहित्य की नहीं है ?

    • (a) शीला भट्टारिका
    • (b) विकट नितम्बा
    • (c) विज्जका
    • (d) पत्रलेखा
    Show answer

    Answer: (d)

  30. 30. माघ को “घण्टापथ” की उपाधि से अलंकृत किया गया है

    • (a) अच्छोद सरोवर के वर्णन के कारण
    • (b) रैवतक पर्वत के वर्णन के कारण
    • (c) नारद के वर्णन के कारण
    • (d) इनमें से कोई नहीं
    Show answer

    Answer: (b)

  31. 31. “हतो नरो वा कुञ्जरों में न निर्णयः” इसमें कौन सा अलङ्कार है ?

    • (a) भ्रान्तिमान
    • (b) उत्प्रेक्षा
    • (c) सन्देह
    • (d) अपह्नुति
    Show answer

    Answer: (c)

  32. 32. पट का समवायिकारण है

    • (a) कुलाल
    • (b) वेमा
    • (c) तुरी
    • (d) तन्तु
    Show answer

    Answer: (d)

  33. 33. वेदान्तसार के अनुसार सत्ता के कितने प्रकार हैं ?

    • (a) दो
    • (b) तीन
    • (c) चार
    • (d) पांच
    Show answer

    Answer: (b)

  34. 34. वेदान्त दर्शन के अनुसार प्रमाण है

    • (a) चार
    • (b) पांच
    • (c) छः
    • (d) तीन
    Show answer

    Answer: (c)

  35. 35. शिशुपालवध महाकाव्य में सर्गों की संख्या है

    • (a) सोलह
    • (b) सत्रह
    • (c) अट्ठारह
    • (d) बीस
    Show answer

    Answer: (d)

  36. 36. “अग्निगर्भां शमीमिव” यह उपमा दी गयी है

    • (a) शकुन्तला की
    • (b) गोतमी
    • (c) प्रियंवदा की
    • (d) अनसूया की
    Show answer

    Answer: (a)

  37. 37. अधोलिखित में से जो यत् प्रत्यय से निष्पन्न नहीं है

    • (a) कार्यम्
    • (b) शप्यम्
    • (c) ग्लेयम्
    • (d) जेयम्
    Show answer

    Answer: (a)

  38. 38. वेदान्तसार के अनुसार अज्ञान है

    • (a) भावरूप
    • (b) अभावरूप
    • (c) शून्यरूप
    • (d) निष्क्रिय
    Show answer

    Answer: (a)

  39. 39. अधोलिखित में जो अर्थोपक्षेपकों में परिगणित नहीं है

    • (a) विष्कम्भक
    • (b) प्रवेशक
    • (c) प्रकरी
    • (d) चूलिका
    Show answer

    Answer: (c)

  40. 40. सांख्ययत में आधिभौतिक दुःख है

    • (a) ज्वरातिसार से उत्पन्न दुःख
    • (b) स्वजन वियोग जन्य दुःख
    • (c) सर्पादि से उत्पन्न दुःख
    • (d) भूतप्रेतादि जन्य दुःख
    Show answer

    Answer: (c)

  41. 41. “स्वधर्मे निधनं श्रेयः” यह श्रीमद्भगवद्गीता के किस अध्याय में है ?

    • (a) द्वितीय में
    • (b) तृतीय में
    • (c) चतुर्थ में
    • (d) पञ्चम में
    Show answer

    Answer: (b)

  42. 42. काव्यप्रकाश की सङ्केत टीका के प्रणेता हैं

    • (a) माणिक्यचन्द्रः
    • (b) वामन
    • (c) मम्मट
    • (d) मल्लिनाथ
    Show answer

    Answer: (a)

  43. 43. नाटक में इतिवृत्त होता है

    • (a) कल्पित
    • (b) अप्रसिद्ध
    • (c) प्रसिद्ध
    • (d) मिश्र
    Show answer

    Answer: (c)

  44. 44. “श्लिष्टैः पदैरनेकार्थाभिधाने” यह लक्षण है

    • (a) अनुप्रास का
    • (b) श्लेष का
    • (c) सन्देह का
    • (d) भ्रान्तिमान का
    Show answer

    Answer: (b)

  45. 45. 'सुमद्रम्' में सु उपसर्ग का अर्थ है

    • (a) समीप
    • (b) शोभन
    • (c) समृद्धि
    • (d) युगपत्
    Show answer

    Answer: (c)

  46. 46. एध्–धातु के आशीर्लिङ्ग उत्तमपुरुष एक वचन में रूप होता है

    • (a) एधेय
    • (b) एधिषीय
    • (c) एधिताहे
    • (d) एधिषि
    Show answer

    Answer: (b)

  47. 47. “वृत्तवर्तिष्यमाणानां कथांशानां निदर्शकः” यह लक्षण है

    • (a) प्रवेशक का
    • (b) अङ्कावतार का
    • (c) अङ्कास्य का
    • (d) विष्कम्भक का
    Show answer

    Answer: (d)

  48. 48. अधोलिखित वाक्यों में शुद्ध वाक्य है

    • (a) कृष्णं अभितः गोपाः सन्ति
    • (b) कृष्णेन अभितः गोपाः सन्ति
    • (c) कृष्णाद् अभितः गोपाः सन्ति
    • (d) कृष्णस्य अभितः गोपा सन्ति
    Show answer

    Answer: (a)

  49. 49. बृहत्कथा किस भाषा शैली में लिखीगयी रचना है ?

    • (a) मागधी
    • (b) वैदर्भी
    • (c) पैशाची
    • (d) गौडी
    Show answer

    Answer: (c)

  50. 50. “ऋते रवेः क्षालयितुं क्षमेत् कः क्षपातमस्काण्ड मलीमसं नभः ।” यह उक्ति है

    • (a) किरातार्जुनीय की
    • (b) रघुवंश की
    • (c) शिशुपालवध की
    • (d) नैषध की
    Show answer

    Answer: (c)

  51. 51. शिशुपालवध का अङ्गीरस है

    • (a) हास्य रस
    • (b) श्रृङ्गार रस
    • (c) रौद्र रस
    • (d) वीर रस
    Show answer

    Answer: (d)

  52. 52. “अतः परीक्ष्य कर्तव्यं विशेषात् सङ्गतं रहः” यह उक्ति है

    • (a) कण्व
    • (b) मारीच
    • (c) दुष्यन्त
    • (d) शार्ङ्गरव
    Show answer

    Answer: (d)

  53. 53. अभिज्ञान शाकुन्तल में दुष्यन्त की मनःस्थिति जानने के लिए मेनका ने अपनी किस सखी को भेजा था ?

    • (a) सानुमती
    • (b) उर्वशी
    • (c) रम्भा
    • (d) तिलोत्तमा
    Show answer

    Answer: (a)

  54. 54. वेदान्तसार के अनुसार प्रमाता विशेषण है

    • (a) ईश्वर का
    • (b) जीवन्मुक्त का
    • (c) विषय का
    • (d) अधिकारी का
    Show answer

    Answer: (d)

  55. 55. प्रायश्चित्त कर्म क्या है ?

    • (a) सन्ध्या वन्दनादि
    • (b) जातेष्टि आदि
    • (c) चान्द्रायण व्रत
    • (d) शाण्डिल्य विद्या
    Show answer

    Answer: (c)

  56. 56. भाषा के उद्भव सिद्धान्तों में कौन सा नहीं है ?

    • (a) आवेग सिद्धान्त
    • (b) वेग सिद्धान्त
    • (c) सङ्गीत सिद्धान्त
    • (d) रणन सिद्धान्त
    Show answer

    Answer: (b)

  57. 57. योगदर्शन में पदार्थों की संख्या हैं

    • (a) 25
    • (b) 26
    • (c) 24
    • (d) 22
    Show answer

    Answer: (b)

  58. 58. “शरीरं तावदिष्टार्थ व्यवच्छिन्ना पदावली” यह परिभाषा किस की है ?

    • (a) दण्डी की
    • (b) भामह की
    • (c) मम्मट की
    • (d) आनन्दवर्धन की
    Show answer

    Answer: (a)

  59. 59. बोधव्यवैशिष्ट्य पर आधारित है

    • (a) आर्थी व्यञ्जना
    • (b) शाब्दी व्यञ्जना
    • (c) उपादान लक्षणा
    • (d) गौणी लक्षणा
    Show answer

    Answer: (a)

  60. 60. आचार्य मम्मट ने विरोधाभास अलङ्कार के प्रकार माने है

    • (a) आठ
    • (b) दस
    • (c) ग्यारह
    • (d) बारह
    Show answer

    Answer: (b)

  61. 61. “पंगोश्च” सूत्र से किस स्त्री प्रत्यय का विधान होता है

    • (a) ऊङ्
    • (b) ङीप्
    • (c) ङीष्
    • (d) ङीन्
    Show answer

    Answer: (a)

  62. 62. “सहस्रगुणमुत्स्रष्टुमादत्ते हि रसं रविः” सूक्ति है

    • (a) रघुवंश की
    • (b) मेघदूत की
    • (c) अभिज्ञान शाकुन्तल की
    • (d) कुमार सम्भव की
    Show answer

    Answer: (a)

  63. 63. “त्रयीमयाय त्रिगुणात्मने नमः” यह पद्यांश उद्धृत है

    • (a) नलचम्पू से
    • (b) कादम्बरी कथामुख से
    • (c) शिशुपालवध से
    • (d) अभिज्ञानशाकुन्तल से
    Show answer

    Answer: (b)

  64. 64. त्रिविक्रम भट्ट का वंश था

    • (a) भट्टवंश
    • (b) शाण्डिल्यवंश
    • (c) भरद्वाजवंश
    • (d) गर्गवंश
    Show answer

    Answer: (b)

  65. 65. बहिर्विकारं प्रकृतेः पृथग् विदुः पुरातनं त्वां पुरुषं पुराविदः । यह पद्यांश उद्धृत है

    • (a) सांख्यकारिका से
    • (b) शिशुपालवध से
    • (c) नलचम्पू से
    • (d) मृच्छकटिक से
    Show answer

    Answer: (b)

  66. 66. “भवितव्यानां द्वाराणि भवन्ति” यह सूक्ति उद्धृत है

    • (a) अभिज्ञानशाकुन्तल से
    • (b) नलचम्पू से
    • (c) कादम्बरी से
    • (d) शिशुपालवध से
    Show answer

    Answer: (a)

  67. 67. “अनाघ्रातं पुष्पं किसलयमनूलं कररुहैः” यह उक्ति है

    • (a) शकुन्तला की
    • (b) दुष्यन्त की
    • (c) विदूषक की
    • (d) प्रियंवदा की
    Show answer

    Answer: (b)

  68. 68. नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पाषकः न चैनं क्लेदयन्त्यापो, न शोषयति मारुतः । इस पद्य में “एनम्” शब्द किसके लिए प्रयुक्त हुआ है ?

    • (a) आत्मा के लिए
    • (b) ब्रह्म के लिए
    • (c) जगत के लिए
    • (d) चित्त के लिए
    Show answer

    Answer: (a)

  69. 69. “मखशतपरिपूतं गोत्रमुद्भासितं यद्” यह कथन है

    • (a) शर्विलक का
    • (b) शकार का
    • (c) चारुदत्त का
    • (d) विदूषक का
    Show answer

    Answer: (c)

  70. 70. तर्कभाषा में कारणों की संख्या है

    • (a) पांच
    • (b) तीन
    • (c) नव
    • (d) सात
    Show answer

    Answer: (b)

  71. 71. “यथा गौस्तथा गवयः” यह उदाहरण है

    • (a) उपमान का
    • (b) अनुमान का
    • (c) प्रत्यक्ष का
    • (d) बुद्धिव्यवसाय का
    Show answer

    Answer: (a)

  72. 72. “चतुर्वर्ग फलप्राप्तिः” यह काव्य प्रयोजन स्वीकृत है

    • (a) मम्मट द्वारा
    • (b) दण्डी द्वारा
    • (c) विश्वनाथ द्वारा
    • (d) आनन्दवर्धन द्वारा
    Show answer

    Answer: (c)

  73. 73. काव्यप्रकाश के अनुसार श्लेष अलङ्कार के भेद है

    • (a) आठ
    • (b) दश
    • (c) ग्यारह
    • (d) सात
    Show answer

    Answer: (a)

  74. 74. द्रक्ष्यति यह धातु रूप है

    • (a) दृक्ष् धातु का लट् लकार का प्रथमपुरुष एकवचन
    • (b) पश्य धातु का लृट् लकार का प्रथमपुरुष एकवचन
    • (c) दृश् धातु का लृट् लकार का प्रथमपुरुष एकवचन
    • (d) द्रक्ष्य धातु का लोट् लकार का प्रथमपुरुष बहुवचन
    Show answer

    Answer: (c)

  75. 75. याच् में शानच् प्रत्यय होने पर रूप बनता है

    • (a) याचन्
    • (b) याचयन्ती
    • (c) याचशान्
    • (d) याचमानः
    Show answer

    Answer: (d)

  76. 76. कुन्ती में ढक् प्रत्यय के योग से रूप बनता है

    • (a) कुन्ताढ़ः
    • (b) कौन्तेयः
    • (c) कौन्तेयाद्यः
    • (d) कुन्तीढः
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    Answer: (b)

  77. 77. कादम्बरी कथामुख में वर्णन है

    • (a) अगस्त्याश्रम का
    • (b) हारीताश्रम का
    • (c) जावाल्याश्रम का
    • (d) उपर्युक्त तीनों का
    Show answer

    Answer: (d)

  78. 78. “करोति कस्य नाह्लादं कथा कान्तेव भारती” यह उक्ति किस कवि की है ?

    • (a) बाणभट्ट की
    • (b) त्रिविक्रमभट्ट की
    • (c) शूद्रक की
    • (d) कालिदास की
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    Answer: (b)

  79. 79. त्रिविक्रमभट्ट ने नलचम्पू में सबसे पहले स्तवन किया है

    • (a) कामदेव का
    • (b) विष्णुदेव का
    • (c) गिरिसुता का
    • (d) भगवान शङ्कर का
    Show answer

    Answer: (d)

  80. 80. “गतं तिरश्चीनमनूरुसारथेः” में अनूरुसारथेः पद का अर्थ है

    • (a) नारद का
    • (b) सूर्य का
    • (c) हविर्भुक् का
    • (d) पङ्गु का
    Show answer

    Answer: (b)

  81. 81. “हरत्यघं सम्प्रति हेतुरेष्यतः” यह पद्यांश है

    • (a) शिशुपालवध का
    • (b) अभिज्ञानशाकुन्तल का
    • (c) श्रीमद्भगवद्गीता का
    • (d) मृच्छकटिक
    Show answer

    Answer: (a)

  82. 82. दरिद्रता के वर्णन से पूर्ण रूपक प्रणीत किया हैं

    • (a) बाणभट्ट ने
    • (b) माघ ने
    • (c) त्रिविक्रमभट्ट ने
    • (d) शूद्रक ने
    Show answer

    Answer: (d)

  83. 83. “प्रवर्ततां प्रकृतिहिताय पार्थिवः” यह भरतवाक्य किस नाटक में प्रयुक्त हुआ है ?

    • (a) मृच्छकटिक में
    • (b) अभिज्ञानशाकुन्तल में
    • (c) नलचम्पू में
    • (d) भारतविजय में
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    Answer: (b)

  84. 84. ब्रह्मजिज्ञासा के साधन चतुष्ट्य में निम्न में से किसका ग्रहण नहीं हुआ है ?

    • (a) नित्यानित्यवस्तुविवेक
    • (b) इहामुत्रार्थफल भोगानुराग
    • (c) शमादिषटक सम्पत्ति
    • (d) मुमुक्षत्व
    Show answer

    Answer: (b)

  85. 85. सांख्य मत में जो प्रमाण स्वीकार नहीं किया गया वह है

    • (a) द्रष्ट
    • (b) अनुमान
    • (c) आप्त
    • (d) अर्थापत्ति
    Show answer

    Answer: (d)

  86. 86. निम्न में से कौन सा सिद्धान्त श्रीमद्भगवद्गीता में नहीं कहा गया हैं ?

    • (a) पुनर्जन्मसिद्धान्त
    • (b) आत्मा की नित्यता
    • (c) सांख्ययोग सिद्धान्त
    • (d) अधर्मोत्थान सिद्धान्त
    Show answer

    Answer: (d)

  87. 87. राजा नल की नगरी का नाम था

    • (a) अवन्ती
    • (b) विशाला
    • (c) निषधा
    • (d) काशी
    Show answer

    Answer: (c)

  88. 88. राजा नल की कथा किस ग्रन्थ में नहीं है ?

    • (a) रामायण में
    • (b) स्कन्द पुराण में
    • (c) विक्रमाङ्कदेवचरित में
    • (d) मत्स्यपुराण में
    Show answer

    Answer: —

  89. 89. राजा नल के मन्त्री का नाम था

    • (a) बालाहक
    • (b) श्रुतिशील
    • (c) विदध
    • (d) बाहुक
    Show answer

    Answer: (b)

  90. 90. बृहत्कथामञ्जरी का विभाजन है

    • (a) लम्बकों में
    • (b) लावाणकों में
    • (c) उच्छवासों में
    • (d) निःश्वासों में
    Show answer

    Answer: (a)

  91. 91. “यष्टयः प्रविशन्ति” में लक्षणा है

    • (a) उपादानलक्षणा
    • (b) लक्षणलक्षणा
    • (c) शुद्धासारोपा
    • (d) गौणी साध्यवसाना
    Show answer

    Answer: (a)

  92. 92. शिशुपालवध की कथा का आधार है ?

    • (a) महाभारत
    • (b) श्रीमद्भगवद्गीता
    • (c) विष्णुपुराण
    • (d) दशावतार
    Show answer

    Answer: (a)

  93. 93. किस ग्रन्थ की गणना बृहत्त्रयी के अन्तर्गत नहीं है

    • (a) किरातार्जुनीय
    • (b) शिशुपालवध
    • (c) नैषधीयचरित
    • (d) रघुवंश
    Show answer

    Answer: (d)

  94. 94. नीचे लिखे गए ग्रन्थों में कौन सा काव्यशास्त्र का नहीं है ?

    • (a) ध्वन्यालोक
    • (b) सरस्वती कण्ठाभरण
    • (c) कवि कर्णाभरण
    • (d) कवि कण्ठाभरण
    Show answer

    Answer: (c)

  95. 95. निम्नलिखित में से जो न्यायसूत्रकार के मत में नहीं है

    • (a) अनुमान
    • (b) उपमान
    • (c) प्रत्यक्ष
    • (d) परोक्ष
    Show answer

    Answer: (d)

  96. 96. पञ्चतन्मात्राओं से उत्पत्ति होती है

    • (a) पञ्च प्राणों की
    • (b) पञ्च मकारों की
    • (c) पञ्च इन्द्रियों की
    • (d) पञ्च उपचारों की
    Show answer

    Answer: —

  97. 97. विश्वपा शब्द के पञ्चमी एक वचन का रूप है

    • (a) विश्वपा
    • (b) विश्वपः
    • (c) विश्वपाः
    • (d) विश्वपि
    Show answer

    Answer: (b)

  98. 98. शिशुपालवध में “हिरण्यगर्भाङ्गभू” कहा गया है

    • (a) नारद को
    • (b) श्रीकृष्ण को
    • (c) बलराम को
    • (d) गर्ग को
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    Answer: (a)

  99. 99. “अथवाऽनार्यः परदारव्यवहारः” यह उक्ति है

    • (a) कण्व की
    • (b) माधव्य की
    • (c) इन्द्र की
    • (d) दुष्यन्त की
    Show answer

    Answer: (d)

  100. 100. “गुणः खलु अनुरागस्य कारणम्” यह उक्ति है

    • (a) चारुदत्त की
    • (b) मैत्रेय की
    • (c) शकार की
    • (d) वसन्तसेना की
    Show answer

    Answer: (d)

  101. 101. निर्वात दीपवत् चलत्व होता है

    • (a) सविकल्पक समाधि का
    • (b) सगुण ब्रह्म का
    • (c) जीव का
    • (d) निर्विकल्पक समाधि का
    Show answer

    Answer: —

  102. 102. वेदान्तसार के अनुसार प्रयोजन नहीं है

    • (a) दुःखनिवृत्ति
    • (b) अभ्युदयलाभ
    • (c) पाण्डित्य सम्पादन
    • (d) अज्ञाननिवृत्ति और स्वस्वरूपनन्दावाप्ति
    Show answer

    Answer: (c)

  103. 103. वेदान्तसार में लिङ्ग शरीर हैं

    • (a) षोडशावयवय
    • (b) पञ्चदशावयव
    • (c) एकादशावयव
    • (d) सप्तदशावयव
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    Answer: (d)

  104. 104. विश्वनाथ के मतानुसार हास्य होता है

    • (a) द्विविध
    • (b) त्रिविध
    • (c) चतुर्विध
    • (d) षड्विध
    Show answer

    Answer: (d)

  105. 105. व्यायोग में नामक होता है

    • (a) धीरप्रशान्त
    • (b) धीरोदात्त
    • (c) धीरोद्धत
    • (d) धीरललित
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    Answer: (c)

  106. 106. “अर्थे सत्यर्थ भिन्नानां वर्णानां सा पुनः पुनः श्रुतिः” यह लक्षण है

    • (a) अनुप्रास का
    • (b) यमक का
    • (c) श्लेष का
    • (d) उपमा का
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    Answer: (b)

  107. 107. संस्कृत भाषा में निम्नलिखित में से दीर्घ नहीं होता है

    • (a) ऋकार का
    • (b) अकार का
    • (c) इकार का
    • (d) लृकार का
    Show answer

    Answer: (d)

  108. 108. द्वियमुनम् में समास है

    • (a) द्विगु
    • (b) द्वन्द्व
    • (c) अव्ययीभाव
    • (d) तत्पुरुष
    Show answer

    Answer: (c)

  109. 109. पक्वः में प्रत्यय है

    • (a) क्त
    • (b) क्तवतु
    • (c) घञ्
    • (d) यत्
    Show answer

    Answer: (a)

  110. 110. “वज्रादपि कठोराणि मृदूनि कुसुमादपि” यह सुभाषित है

    • (a) रघुवंश में
    • (b) उत्तर रामचरित में
    • (c) अभिज्ञान शाकुन्तल में
    • (d) वेणीसंहार में
    Show answer

    Answer: (b)

  111. 111. “गुणाः पूजास्थानं गुणिषु न च लिङ्गं न च वयः” यह सूक्ति वाक्य है

    • (a) उत्तर रामचरित में
    • (b) अभिज्ञान शाकुन्तल में
    • (c) मृच्छकटिक में
    • (d) मालविकाग्निमित्र में
    Show answer

    Answer: (a)

  112. 112. चण्डीशतक के रचयिता कौन है ?

    • (a) मयूरभट्ट
    • (b) बाणभट्ट
    • (c) रामानुजाचार्य
    • (d) भर्तृहरि
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    Answer: (b)

  113. 113. एक मात्र वर्ण “दकार” का प्रयोग करते हुए जिस महाकवि ने पद्य निर्मित किया है वे है

    • (a) कालिदास
    • (b) माघ
    • (c) भारवि
    • (d) भवभूति
    Show answer

    Answer: (b)

  114. 114. शकुन्तला की अंगूठी किस स्थान पर गिरी थी ?

    • (a) सोमतीर्थ
    • (b) शचीतीर्थ
    • (c) कण्वाश्रम
    • (d) प्रभासतीर्थ
    Show answer

    Answer: (b)

  115. 115. नलचम्पू महाभारत के किस पर्व से सम्बन्धित है ?

    • (a) सभापर्व
    • (b) भीष्मपर्व
    • (c) वनपर्व
    • (d) द्रोणपर्व
    Show answer

    Answer: (c)

  116. 116. नलचम्पू में जो अलङ्कार बहुलता पूर्वक प्रयुक्त हुआ है

    • (a) यमक
    • (b) अनुप्रास
    • (c) रूपक
    • (d) श्लेष
    Show answer

    Answer: (d)

  117. 117. “बोध्यबोधकभावलक्षणः” किसको अभिव्यक्त करता है ?

    • (a) अधिकारी को
    • (b) विषय को
    • (c) सम्बन्ध को
    • (d) प्रयोजन को
    Show answer

    Answer: (c)

  118. 118. वैशेषिक दर्शन में प्रमाण के कितने भेद उपदिष्ट हैं ?

    • (a) 4
    • (b) 6
    • (c) 2
    • (d) 5
    Show answer

    Answer: (c)

  119. 119. चार्वाक दर्शन में कितने प्रमाण हैं ?

    • (a) 3
    • (b) 4
    • (c) 5
    • (d) 2
    Show answer

    Answer: —

  120. 120. श्री भगवद्गीता के द्वितीय अध्याय का नाम है

    • (a) कर्म योग
    • (b) सांख्य योग
    • (c) ज्ञानकर्मसन्यास योग
    • (d) कर्म सन्यास योग
    Show answer

    Answer: (b)

  121. 121. साक्षात् संकेतित अर्थ को बोधक शक्ति है

    • (a) तात्पर्या
    • (b) अभिधा
    • (c) लक्षणा
    • (d) व्यञ्जना
    Show answer

    Answer: (b)

  122. 122. आचार्य मम्मट द्वारा स्वीकृत रसदोषों की संख्या है

    • (a) बारह
    • (b) चौदह
    • (c) तेरह
    • (d) ग्यारह
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    Answer: (c)

  123. 123. “महा कवि कालिदास उपमा के सम्राट हैं तो बाण परिसंख्या के” – इस कथन के कथनकार हैं

    • (a) डा. जनार्दन पाण्डेय
    • (b) डा. रमाशङ्कर त्रिपाठी
    • (c) डा. अवनीश कुमार
    • (d) डा. विश्वेश्वर
    Show answer

    Answer: (b)

  124. 124. “ग्रामं गच्छंस्तृणं स्पृशति” यहां तृणं में किस सूत्र से द्वितीया विभक्ति होती है ?

    • (a) कर्तुरीप्तिततमं कर्म
    • (b) कर्मणि द्वितीया
    • (c) अकथितं च
    • (d) तथायुक्तं चानीप्सितम्
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    Answer: (d)

  125. 125. “उगितश्च” सूत्र से किस प्रत्यय का विधान होता है ?

    • (a) ङीष् का
    • (b) ङीप् का
    • (c) ङीन् का
    • (d) ति का
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    Answer: (b)

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Answer key

Answer key from the U.P. Secondary Education Services Selection Board’s official answer key for this sitting. “—” means the key gave none: the question was deleted.

Sanskrit

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