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ExamBharo · UP TGT 2016 — Sanskrit (Series A) · exambharo.com/up-tgt/previous-year-papers/up-tgt-2016-sanskrit-series-a/

प्रश्न पत्र · यूपी टीजीटी

UP TGT 2016 — Sanskrit (Series A)

8 or 9 March 2019125 प्रश्नसही उत्तर पर +3.4, गलत उत्तर पर −0

प्रश्न उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के 8 or 9 March 2019 के पेपर से। हर प्रश्न का उत्तर उसके नीचे है, खोलने पर ही दिखता है, और पूरी उत्तर कुंजी अंत में है। स्कोर पाने के लिए पेपर को समयबद्ध प्रैक्टिस टेस्ट के रूप में दें।

आधिकारिक पुस्तिका बिना पाठ वाला स्कैन है, इसलिए ExamBharo ने यह पेपर उससे हाथ से टाइप किया है। टाइपिंग की चूक संभव है; संपर्क पेज से बताएँ।

बोर्ड ने अपनी अंतिम उत्तर कुंजी में प्रश्न 18, 32, 33, 58, 66, 70, 108 और 118 हटा दिए: ये यहाँ दिखाए गए हैं, बिना उत्तर के, और स्कोर में नहीं गिने जाते।

प्रश्न अंग्रेज़ी में हैं, जैसे मूल पेपर में थे।

Sanskrit

  1. 1. “प्रयाग भारत का प्रमुख धार्मिक नगर है ।” इस वाक्य का शुद्ध अनुवाद है

    • (a) प्रयागः भारतस्य प्रमुखः धार्मिक नगरः अस्ति ।
    • (b) प्रयागः भारते प्रमुखः धार्मिक नगरं सन्ति ।
    • (c) प्रयागः भारतस्य प्रमुखं धार्मिकनगरं सन्ति ।
    • (d) प्रयागः भारतस्य प्रमुखं धार्मिक्नगरम् अस्ति ।
    उत्तर देखें

    उत्तर: (d)

  2. 2. किरातार्जुनीय के प्रथम सर्ग में प्रयुक्त छन्द हैं

    • (a) अनुष्टुप् आर्या शिखरिणी
    • (b) वंशस्थ, पुष्पिताग्रा मालिनी
    • (c) वंशस्थ (केवल)
    • (d) मन्द्राक्रान्ता वंशस्थ, मालिनी
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b)

  3. 3. “शमेन सिद्धिं मुनयो न भूभृतः” किरातार्जुनीय में यह वाक्य कहा गया है

    • (a) युधिष्ठिर द्वारा
    • (b) द्रौपदी द्वारा
    • (c) वनेचर द्वारा
    • (d) सुयोधन द्वारा
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b)

  4. 4. किरातार्जुनीय में “सपत्नेन” पद किस अर्थ में प्रयुक्त हुआ है ?

    • (a) शत्रु के द्वारा
    • (b) सौत के द्वारा
    • (c) सखा के द्वारा
    • (d) पालक के द्वारा
    उत्तर देखें

    उत्तर: (a)

  5. 5. “राज्यविषविकारतन्द्राप्रदा राज्यलक्ष्मीः” सूक्ति उद्धृत है

    • (a) उत्तररामचरित से
    • (b) नीतिशतक से
    • (c) वैराग्यशतक से
    • (d) शुकनासोपदेश से
    उत्तर देखें

    उत्तर: (d)

  6. 6. कालिदास ने “वक्रः पन्था” किस के लिए प्रयुक्त किया है ?

    • (a) विदिशा नगर के लिए
    • (b) दशार्ण देश के लिए
    • (c) उज्जयिनी नगर के लिए
    • (d) अलकापुरी के लिए
    उत्तर देखें

    उत्तर: (c)

  7. 7. “सम्पत्सु महतां चित्तं भवत्युत्पलकोमलम्” यह सूक्ति कहां से ली गयी है ?

    • (a) किरातार्जुनीय
    • (b) अभिज्ञान शाकुन्तल
    • (c) शिशुपाल वध
    • (d) नीतिशतक
    उत्तर देखें

    उत्तर: (d)

  8. 8. “कोऽन्यो हुतवहात् प्रभवति दग्धुम्” यह वाक्य अभिज्ञान शाकुन्तल में कहा है

    • (a) अनसूया
    • (b) प्रियंवदा
    • (c) कण्वशिष्यः
    • (d) दुर्वासा
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b)

  9. 9. “तेन पाठः पठ्यते” प्रयोग है

    • (a) भाव वाच्य का
    • (b) कर्तृ वाच्य का
    • (c) कर्म वाच्य का
    • (d) इनमें से कोई नहीं
    उत्तर देखें

    उत्तर: (c)

  10. 10. “अष्टाशीतिः” शब्द का हिन्दी भाषा में शब्द बनता है

    • (a) अट्ठाइस
    • (b) अट्ठासी
    • (c) अडसठ
    • (d) अट्ठानवे
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b)

  11. 11. युष्मद् शब्द के चतुर्थी विभक्ति, एकवचन का रूप है

    • (a) तुभ्यम्
    • (b) त्वाम्
    • (c) त्वया
    • (d) त्वयि
    उत्तर देखें

    उत्तर: (a)

  12. 12. सर्व शब्द का स्त्रीलिङ्ग, सप्तमी, एकवचन में रूप बनता है

    • (a) सर्वस्मिन्
    • (b) सर्वस्याम्
    • (c) सर्वासु
    • (d) सर्वे
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b)

  13. 13. अम्बिकादत्तव्यास के पिता का नाम था

    • (a) देवदत्त
    • (b) राजाराम
    • (c) दुर्गादत्त
    • (d) प्रयागदत्त
    उत्तर देखें

    उत्तर: (c)

  14. 14. “विद्युत्वन्तं ललितवनिताः” यह पंक्ति सम्बद्ध है

    • (a) चम्पू काव्य से
    • (b) गीति काव्य से
    • (c) मुक्तक काव्य से
    • (d) महाकाव्य से
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b)

  15. 15. “तन्वी श्यामा शिखरीदशना पक्वविम्बाधरोष्ठी” इसमें विशेषण प्रयुक्त हुए हैं

    • (a) शकुन्तला के लिए
    • (b) यक्षिणी के लिए
    • (c) कादम्बरी के लिए
    • (d) सीता के लिए
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b)

  16. 16. “त्वं जीवितं त्वमसि में हृदयम्” यह उक्ति है

    • (a) जानकी
    • (b) मेनका
    • (c) वासन्ती
    • (d) प्रियम्वदा
    उत्तर देखें

    उत्तर: (c)

  17. 17. व्याकरण में कर्म का मुख्य लक्षण क्या कहा गया है ?

    • (a) तथायुक्तं चानीप्सितम्
    • (b) अकथितञ्च
    • (c) कर्तुरीप्सिततमं कर्म
    • (d) हृक्रोरन्यतरस्याम्
    उत्तर देखें

    उत्तर: (c)

  18. 18. निम्नलिखित में से 89 का संस्कृत में शुद्ध शब्द होगा

    • (a) नवाशीतिः
    • (b) एकोननवतिः
    • (c) अननवतिः
    • (d) उपर्युक्त तीनों
    उत्तर देखें

    उत्तर: —

  19. 19. ग्रीष्म+ऋतु में सन्धि करने पर रूप बनेगा

    • (a) ग्रीष्मर्तुः
    • (b) ग्रीष्मर्तः
    • (c) ग्रीष्मरतौ
    • (d) ग्रीष्मऋतौ
    उत्तर देखें

    उत्तर: (a)

  20. 20. लता शब्दरूप में ‘लते’ इस शब्द की आवृत्ति हुई है

    • (a) तीन बार
    • (b) चार बार
    • (c) पांच बार
    • (d) छः बार
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b)

  21. 21. लभेरन् पद का धातु, लकार, पुरुष, वचन आदि सही है वह है

    • (a) लभ् धातु, लट् लकार, प्रथम पुरुष बहुवचन
    • (b) लभ् धातु, विधिलिङ् लकार, प्रथम पुरुष बहुवचन
    • (c) लभ् धातु, लोट लकार, प्रथम पुरुष एकवचन
    • (d) लभ् धातु, लङ् लकार, मध्यम पुरुष द्विवचन
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b)

  22. 22. किरातार्जुनीय के प्रथम सर्ग में पद्यों की संख्या है

    • (a) 45
    • (b) 44
    • (c) 46
    • (d) 101
    उत्तर देखें

    उत्तर: (c)

  23. 23. “बाणस्तु पञ्चाननः” यह सूक्ति किसने कही है ?

    • (a) चन्द्रदेव ने
    • (b) मल्लिनाथ ने
    • (c) जयदेव ने
    • (d) माघ ने
    उत्तर देखें

    उत्तर: (a)

  24. 24. “क्रियासु युक्तैर्नृप” यहां नृप पद से सम्बोधित किया गया है

    • (a) भीमसेन को
    • (b) युधिष्ठिर को
    • (c) अर्जुन को
    • (d) भीष्म को
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b)

  25. 25. शास्त्रजल के प्रक्षालन से निर्मल बुद्धि भी कालुष्य को प्राप्त होती है

    • (a) यौवनारम्भ में
    • (b) वृद्धावस्था में
    • (c) शैशवावस्था में
    • (d) विद्यारम्भ में
    उत्तर देखें

    उत्तर: (a)

  26. 26. उत्तररामचरित के तृतीयाङ्क में नाट्यसन्धि है

    • (a) मुख
    • (b) प्रतिमुख
    • (c) विमर्श
    • (d) गर्भ
    उत्तर देखें

    उत्तर: (d)

  27. 27. “सवर्णलिङ्गी विदितः समाययौ” यहां “वर्णलिङ्गी” शब्द का अर्थ है

    • (a) नानावर्ण शबल
    • (b) ब्राह्मण
    • (c) ब्रह्मचारी
    • (d) दूत
    उत्तर देखें

    उत्तर: (c)

  28. 28. “सखि आवां तावदुत्कण्ठां विनोदमिष्यावः” आयी हुई यह उक्ति किसने कही है ?

    • (a) अनसूया ने
    • (b) प्रियंवदा ने
    • (c) गौतमी ने
    • (d) शकुन्तला ने
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b)

  29. 29. यद्यपि पद का सन्धि विच्छेद है

    • (a) यदि + अपि
    • (b) यदी + अपि
    • (c) यद् + अपि
    • (d) यद्य + पि
    उत्तर देखें

    उत्तर: (a)

  30. 30. भानु शब्दस्य प्रथमा विभक्तौ बहुवचने रूपं भवति

    • (a) भान्वः
    • (b) भानुवः
    • (c) भानवः
    • (d) भानूनि
    उत्तर देखें

    उत्तर: (c)

  31. 31. “तत्पुरुषः” सूत्र है

    • (a) अधिकारसूत्र
    • (b) संज्ञासूत्र
    • (c) समास सूत्र
    • (d) निपात सूत्र
    उत्तर देखें

    उत्तर: (a)

  32. 32. विद्वानों के समाज में पण्डितों का आभूषण है

    • (a) मौन
    • (b) वाचालता
    • (c) अज्ञताज्ञापन
    • (d) स्वातन्त्र्य
    उत्तर देखें

    उत्तर: —

  33. 33. अधोलिखित में से कण्व ने कहा है

    • (a) भर्तुर्बहुमता भव
    • (b) शुश्रूषस्व गुरून्
    • (c) भूयिष्ठं भव दक्षिणा परिजने
    • (d) अवेहि तनयां ब्रह्मन्नग्नि गर्भा शमीमिव
    उत्तर देखें

    उत्तर: —

  34. 34. निम्नलिखित में से शुद्ध है

    • (a) कुमुदनी
    • (b) कुमुदिनी
    • (c) कुमूदनी
    • (d) कूमुदिनी
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b)

  35. 35. शुद्धं वाक्यं वर्तते

    • (a) वृकान् बिभेति
    • (b) वृकेन बिभेति
    • (c) वृकात् भेन्ति
    • (d) वृकात् बिभेति
    उत्तर देखें

    उत्तर: (d)

  36. 36. “न हि प्रियं प्रवक्तुमिच्छन्ति मृषा हितैषिणः” यह वचन कथित है

    • (a) वनेचर के द्वारा
    • (b) युधिष्ठिर के द्वारा
    • (c) दुर्योधन के द्वारा
    • (d) किरात के द्वारा
    उत्तर देखें

    उत्तर: (a)

  37. 37. “जीर्णमङ्गे सुभाषितम्” यहां सुभाषित किसके अङ्ग में अङ्गस्थ हुआ ?

    • (a) विशाखदत्त के
    • (b) कालिदास के
    • (c) भर्तृहरि के
    • (d) भास के
    उत्तर देखें

    उत्तर: (c)

  38. 38. “कटे आस्ते” में कटे पद कैसा आधार है ?

    • (a) वैषयिक
    • (b) अभिव्यापक
    • (c) औपश्लेषिक
    • (d) अव्यापक
    उत्तर देखें

    उत्तर: (c)

  39. 39. निम्नाङ्कित विकल्पों में से “सर्वे गुणाः ________ आश्रयन्ति” में रिक्त स्थान की पूर्ति के लिए शुद्ध शब्द है

    • (a) निधानम्
    • (b) सौन्दर्यम्
    • (c) काञ्चनम्
    • (d) पतनम्
    उत्तर देखें

    उत्तर: (c)

  40. 40. अस्मद् शब्दस्य षष्ठी विभक्तौ एकवचने रूपं भवति

    • (a) तव
    • (b) मम
    • (c) नः
    • (d) इनमें से कोई नहीं
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b)

  41. 41. जब विद्वानों के पास बैठकर कुछ ज्ञान हुआ तो ज्ञात हुआ कि

    • (a) मैं पण्डित हूँ
    • (b) मैं मदान्ध हूँ
    • (c) मैं सर्वज्ञ हूँ
    • (d) मैं मूर्ख हूँ
    उत्तर देखें

    उत्तर: (d)

  42. 42. देने के अर्थ में परस्मैपदी दा धातु का प्रथमपुरुष बहुवचन में रूप होगा

    • (a) ददाति
    • (b) ददन्ति
    • (c) ददति
    • (d) दन्ति
    उत्तर देखें

    उत्तर: (c)

  43. 43. अभिज्ञान शाकुन्तल के चतुर्थ अङ्क में किस अर्थोपक्षेक का प्रयोग किया गया है ?

    • (a) विष्कम्भक का
    • (b) प्रवेशक का
    • (c) अङ्क का
    • (d) अङ्कावतार का
    उत्तर देखें

    उत्तर: (a)

  44. 44. “सहयुक्तेऽप्रधाने” इस सूत्र का उदाहरण है

    • (a) सुग्रीवः रामः सह लक्ष्मणश्च
    • (b) सहोदरो गच्छति नगरम्
    • (c) रामेण सह गतवती सीता
    • (d) मम सह त्वं गच्छसि
    उत्तर देखें

    उत्तर: (c)

  45. 45. “दम्भोलि घटितेयं रसना या दारुणदानवोदन्तो-दीरणैः न दीर्य्यते” यह पंक्ति उद्धृत है

    • (a) दशकुमारचरित से
    • (b) कादम्बरी से
    • (c) उत्तररामचरित से
    • (d) शिवराजविजय से
    उत्तर देखें

    उत्तर: (d)

  46. 46. निम्नलिखित में से शुद्ध वाक्य है

    • (a) पुत्रः मातरं स्मरति
    • (b) पुत्रः मात्रं स्मरति
    • (c) पुत्रः मातारं स्मरति
    • (d) पुत्रः मातु स्मरति
    उत्तर देखें

    उत्तर: (a)

  47. 47. किरातार्जुनीय के आधार पर “चारचक्षु” कहा जाता है

    • (a) सूर्य को
    • (b) राजा को
    • (c) शिक्षक को
    • (d) उपर्युक्त सभी
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b)

  48. 48. चतुः + कपालः, सन्धि करने पर शब्द बनेगा

    • (a) चतुः कपालः
    • (b) चतुर्कपालः
    • (c) चतुष्कपालः
    • (d) चतुस्कपालः
    उत्तर देखें

    उत्तर: (c)

  49. 49. “प्रतीहारानुपकरण संभार संग्रहार्थमादिदेश” यहां उपकरण पद की व्युत्पत्ति है

    • (a) उप + कृ + घञ्
    • (b) उप + कृ + ल्युट
    • (c) उप + कृ + ण्वुल
    • (d) उप + कृ + तृच
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b)

  50. 50. “जटाभिस्तापसः” किस सूत्र से बनेगा ?

    • (a) हेतौ
    • (b) इत्थंभूतलक्षणे
    • (c) अपवर्गे तृतीया
    • (d) येनाङ्गविकारः
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b)

  51. 51. “कृष्णसर्पः” पद का समास विग्रह है

    • (a) कृष्णस्य सर्पः
    • (b) कृष्णाय सर्पः
    • (c) कृष्णः सर्पः
    • (d) इनमें से कोई नहीं
    उत्तर देखें

    उत्तर: (c)

  52. 52. “सदानुकूलेषु हि कुर्वते रतिं नृपेष्वमात्येषु च सर्व सम्पदः” यह सूक्ति उद्धृत है

    • (a) किरातार्जुनीय से
    • (b) नैषधीयचरित से
    • (c) नीतिशतक से
    • (d) उत्तररामचरित से
    उत्तर देखें

    उत्तर: (a)

  53. 53. “रिक्तः सर्वो भवति हि लघुः पूर्णता गौरवाय”, इस कथन में गम्भीरता सूचक शब्द है

    • (a) सर्वो
    • (b) पूर्णता
    • (c) गौरवाय
    • (d) रिक्तः
    उत्तर देखें

    उत्तर: (c)

  54. 54. निम्न में से सप्तमी विभक्ति नहीं है

    • (a) ग्रामे
    • (b) नगरे
    • (c) वने
    • (d) लते
    उत्तर देखें

    उत्तर: (d)

  55. 55. “सा तपस्विनी निर्वृता भवतु” इस पंक्ति में सा किसके लिए प्रयुक्त है ?

    • (a) शकुन्तला के लिए
    • (b) गौतमी के लिए
    • (c) अनसूया के लिए
    • (d) प्रियंवदा के लिए
    उत्तर देखें

    उत्तर: (a)

  56. 56. “वाराङ्गनेव नृपनीतिरनेकरूपा” यह सूक्ति है

    • (a) किरातार्जुनीय की
    • (b) मेघदूत की
    • (c) नीतिशतक की
    • (d) शुकनासोपदेश की
    उत्तर देखें

    उत्तर: (c)

  57. 57. अभिज्ञान शाकुन्तल के चतुर्थ अङ्क के प्रारम्भ में आश्रम में कौनसा अतिथि प्रवेश करता है जिसकी उपेक्षा परिलक्षित होती है ?

    • (a) दुष्यन्त
    • (b) कण्व
    • (c) दुर्वासा
    • (d) विश्वामित्र
    उत्तर देखें

    उत्तर: (c)

  58. 58. “वसूति वञ्छन्न वशी न मन्युना” यहां पर प्रयुक्त वसूति पद का अर्थ है

    • (a) धन
    • (b) अष्टावसु
    • (c) नाग
    • (d) अग्नि
    उत्तर देखें

    उत्तर: —

  59. 59. तद् शब्द का पुल्लिङ्ग द्वितीया बहुवचन का रूप होगा

    • (a) तौ
    • (b) तम्
    • (c) तेषाम्
    • (d) तान्
    उत्तर देखें

    उत्तर: (d)

  60. 60. “अतिगहनं तमो यौवनप्रभवम्” सूक्ति किससे सम्बद्ध है ?

    • (a) शुकनासोपदेश
    • (b) नलचम्पू
    • (c) वासवदत्ता
    • (d) दशकुमारचरित
    उत्तर देखें

    उत्तर: (a)

  61. 61. “वश्यवाणी चक्रवर्ती” इस उपाधि से समलङ्कृत है

    • (a) बाणभट्ट
    • (b) भूषणभट्ट
    • (c) चित्रभानु
    • (d) अम्बिकादत्त व्यास
    उत्तर देखें

    उत्तर: (a)

  62. 62. अदस् शब्द का नपुंसकलिङ्ग में रूप होगा

    • (a) अदः अमू अमूनि
    • (b) असौ अमू अमूनि
    • (c) असौ अमू अमी
    • (d) असौ अमू अमूः
    उत्तर देखें

    उत्तर: (a)

  63. 63. “आः अतिथि परिभाविनि” के कथनकार है

    • (a) काश्यप
    • (b) दुर्वासा
    • (c) गौतम
    • (d) विश्वामित्र
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b)

  64. 64. “चक्षुषे” पद में विभक्ति है

    • (a) सप्तमी
    • (b) पञ्चमी
    • (c) चतुर्थी
    • (d) इनमें से कोई नहीं
    उत्तर देखें

    उत्तर: (c)

  65. 65. घ्नन्ति में धातु है

    • (a) हन्
    • (b) जनि
    • (c) तुद्
    • (d) तृ
    उत्तर देखें

    उत्तर: (a)

  66. 66. किरातार्जुनीय में सुयोधन (दुर्योधन) के लिए प्रयुक्त पद है

    • (a) शुभ्र
    • (b) द्विप
    • (c) जिह्म
    • (d) भूति
    उत्तर देखें

    उत्तर: —

  67. 67. “कश्चित् कान्ता विरह गुरुणा” इत्यादि श्लोक में मङ्गला चरण का प्रकार है

    • (a) आशीर्वादात्मक
    • (b) नमस्क्रियात्मक
    • (c) क्रियात्मक
    • (d) वस्तुनिर्देशात्मक
    उत्तर देखें

    उत्तर: (d)

  68. 68. कादम्बरी नायिका है

    • (a) स्वकीया
    • (b) परकीया
    • (c) मानिनी
    • (d) इनमें से कोई नहीं
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b)

  69. 69. निम्नलिखित में से जो सामान्यतः अशुद्ध है

    • (a) राधा कृष्णेन सह वनं जगाम ।
    • (b) सुधा रामायणं पठितवती ।
    • (c) पिता पुत्रं प्रश्नं पृच्छति ।
    • (d) शोभा मोहनेन जलं याचयामा ।
    उत्तर देखें

    उत्तर: (d)

  70. 70. अधोलिखित में से अशुद्ध पदयुग्म है

    • (a) चत्वारि पुष्पाणि
    • (b) चतस्र बालिकाः
    • (c) त्रीणि पुत्राः
    • (d) त्रयो बालका
    उत्तर देखें

    उत्तर: —

  71. 71. “किरातार्जुनीय” का कथानक महाभारत के किस पर्व से लिया गया है ?

    • (a) आदिपर्व
    • (b) विराटपर्व
    • (c) वनपर्व
    • (d) शान्तिपर्व
    उत्तर देखें

    उत्तर: (c)

  72. 72. “शापेनास्तङ्गमित महिमा” किसका विशेषण है ?

    • (a) मेघ
    • (b) यक्षिणी
    • (c) यक्ष
    • (d) मेघदूत
    उत्तर देखें

    उत्तर: (c)

  73. 73. लक्ष्मी के द्वारा कालकूट ने क्या ग्रहण किया ?

    • (a) चञ्चलता
    • (b) मोहनशक्ति
    • (c) रागता
    • (d) वक्रता
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b)

  74. 74. “नवयौवनोद्धतम्” यह पद किरातार्जुनीय महाकाव्य में किसके लिए प्रयुक्त हुआ है ?

    • (a) वनेचर के लिए
    • (b) दुर्योधन के लिए
    • (c) भीम के लिए
    • (d) दुःशासन के लिए
    उत्तर देखें

    उत्तर: (d)

  75. 75. “स्मरीष्यति त्वां न स बोधितोऽपि सन् कथा प्रमत्तः प्रथमं कृतामिव” यह पंक्ति किसने कही है ?

    • (a) दुष्यन्त ने
    • (b) कण्व ने
    • (c) शार्ङ्गरव ने
    • (d) दुर्वासा ने
    उत्तर देखें

    उत्तर: (d)

  76. 76. उत्तररामचरित के तृतीयाङ्क में किस नदी का उल्लेख है ?

    • (a) कावेरी का
    • (b) कृष्णा का
    • (c) गोदावरी का
    • (d) यमुना का
    उत्तर देखें

    उत्तर: (c)

  77. 77. दा धातु के लृट लकार, मध्यम पुरुष, एकवचन में रूप बनता है

    • (a) ददासि
    • (b) दास्यन्ते
    • (c) दत्ते
    • (d) दास्यसि
    उत्तर देखें

    उत्तर: (d)

  78. 78. मुनि शब्द का षष्ठी एक वचन का रूप है

    • (a) मुनये
    • (b) मुनेः
    • (c) मुनिम्
    • (d) मुनिः
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b)

  79. 79. “अमृतसहोदरापि कटुविपाकाः । विग्रहवत्यपि अप्रत्ययदर्शना । पुरुषोत्तमरतापि खलजनप्रिया” इसमें अलङ्कार है

    • (a) उत्प्रेक्षा
    • (b) विरोधाभास
    • (c) अपह्नुति
    • (d) व्याजस्तुति
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b)

  80. 80. “कान्ता विरहगुरुणा” इस समस्त पद में कितने पदों का समास हुआ है ?

    • (a) चार
    • (b) तीन
    • (c) दो
    • (d) एक
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b)

  81. 81. “अपरीणामोपशमो दारुणो लक्ष्मीमदः” शुकनासोपदेश में किसका कथन है ?

    • (a) तारापीड
    • (b) शुकनास
    • (c) चन्द्रापीड
    • (d) लक्ष्मी
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b)

  82. 82. शिवराजविजय में वर्णन है

    • (a) भगवान शिव का
    • (b) शिवाजी महाराज का
    • (c) व्यास का
    • (d) विजयकुमार का
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b)

  83. 83. पैंतालीस का संस्कृत शब्द होगा

    • (a) पञ्चालीसः
    • (b) पञ्चचत्वारिंशतिः
    • (c) पञ्चचत्वारिंशिती
    • (d) पञ्चचत्वारिंशत्
    उत्तर देखें

    उत्तर: (d)

  84. 84. “न तु प्रतिनिविष्टमूर्खजनचित्तमाराधयेत्” यहां प्रतिनिविष्ट पद का अभिप्राय है

    • (a) दुराग्रह विशेष से ग्रस्त
    • (b) ज्ञान विशेष से युक्त
    • (c) अज्ञानान्धकार से युक्त
    • (d) वेदज्ञान विशेष से युक्त
    उत्तर देखें

    उत्तर: (a)

  85. 85. “त्वं जीवितं त्वमसि मे हृदयं द्वितीयम्” इस पंक्ति में अलङ्कार है

    • (a) उपमा
    • (b) सन्देह
    • (c) उत्प्रेक्षा
    • (d) अतिशयोक्ति एवं रूपक
    उत्तर देखें

    उत्तर: (d)

  86. 86. इदम् (स्त्रीलिङ्ग) शब्द के सप्तमी विभक्ति, एकवचन में रूप बनता है

    • (a) अस्याः
    • (b) अस्याम्
    • (c) अस्यै
    • (d) अनयोः
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b)

  87. 87. सर्व शब्दस्य पुल्लिङ्गे सप्तमी विभक्तौ एकवचने रूपं भवति

    • (a) सर्वेस्मिन
    • (b) सर्वे
    • (c) सर्वस्याम्
    • (d) सर्वस्मिन्
    उत्तर देखें

    उत्तर: (d)

  88. 88. शिवराजविजय का प्रमुख रस है

    • (a) शृङ्गार
    • (b) वीर
    • (c) रौद्र
    • (d) करुण
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b)

  89. 89. किरातार्जुनीय के द्विषाम् पद पर सही व्याकरणात्मक टिप्पणी है

    • (a) द्विष् + क्विप्, षष्ठी बहुवचन
    • (b) द्विष् + घञ्, षष्ठी बहुवचन
    • (c) द्विष् + टाप्, षष्ठी बहुवचन
    • (d) द्विष् + टच् षष्ठी बहुवचन
    उत्तर देखें

    उत्तर: (a)

  90. 90. “पतिरोषधीनाम्” इस पद का अभिप्राय है

    • (a) चन्द्र
    • (b) सूर्य
    • (c) दुष्यन्त
    • (d) कण्व
    उत्तर देखें

    उत्तर: (a)

  91. 91. केवल समास का उदाहरण है

    • (a) भूतपूर्व
    • (b) पूर्वभाव
    • (c) यथाशक्ति
    • (d) पीताम्बर
    उत्तर देखें

    उत्तर: (a)

  92. 92. “तेजोद्वयस्य युगपद् व्यसनोदयाभ्यां लोको नियम्यत इवात्मदशान्तरेषु” यह पंक्ति है

    • (a) मेघदूत की
    • (b) रघुवंश की
    • (c) उत्तररामचरित की
    • (d) अभिज्ञान शाकुन्तल की
    उत्तर देखें

    उत्तर: (d)

  93. 93. “शान्तः” का सन्धि विच्छेद होगा

    • (a) शान् + तः
    • (b) शाम् + तः
    • (c) शा + अन्तः
    • (d) शाम् + अन्तः
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b)

  94. 94. “राम विद्यालय जाना चाहता है” इसका अनुवाद होगा

    • (a) रामः विद्यालयं गच्छन्निच्छति
    • (b) रामो विद्यालयं जिगमिषति
    • (c) रामेण विद्यालयः गच्छन्निच्छते
    • (d) रामो विद्यालयं गन्तुं याति
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b)

  95. 95. “शक्यो वारयितुं जलेन हुतभुक्” यहां हुतभुक् शब्द का अर्थ है

    • (a) हवनकर्ता
    • (b) अग्नि
    • (c) हविष्यभोक्ता देव
    • (d) हुतात्मा
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b)

  96. 96. “रमया कोकिल दृश्यते” इस वाक्य का कर्तृवाच्य में वाक्य बनेगा

    • (a) रमा कोकिलं पश्येत्
    • (b) रमा कोकिलं दृश्यते
    • (c) रमा कोकिलं पश्यति
    • (d) रमा कोकिलं द्रक्ष्यति
    उत्तर देखें

    उत्तर: (c)

  97. 97. “बालकः स्नानं करोति” का वाच्य परिवर्तन करने से वाक्य बनेगा

    • (a) बालकः स्नानं क्रियते
    • (b) बालकेन स्नानं क्रियते
    • (c) बलकेन स्नानं कृतम्
    • (d) बालकः स्नाति
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b)

  98. 98. “उपपौर्णमासम्” पद में समास है

    • (a) अव्ययीभावसमास
    • (b) तत्पुरुष
    • (c) उपमानपूर्वपदकर्मधारय
    • (d) बहुव्रीहि
    उत्तर देखें

    उत्तर: (a)

  99. 99. “अज्ञः सुखमाराध्यः सुखतरमाराध्यते विशेषज्ञः” इस पंक्ति के रचयिता हैं

    • (a) भर्तृहरि
    • (b) विष्णुशर्मा
    • (c) कल्हण
    • (d) कालिदास
    उत्तर देखें

    उत्तर: (a)

  100. 100. वह पद्य जो अभिज्ञान शाकुन्तल के श्लोक चतुष्टय के अन्तर्गत है

    • (a) विचिन्तयन्ती यमनन्यमानसा .....
    • (b) सरसिजमनुविद्धं शैवलेनापि .....
    • (c) अधरं किमलय रागः कोमल .....
    • (d) यास्यत्यद्य शकुन्तलेतिहृदयं .....
    उत्तर देखें

    उत्तर: (d)

  101. 101. “हितान्न यः संशृणते स किं प्रभुः” इसमें “हितात्” पद में किस सूत्र से पञ्चमी विभक्ति है ?

    • (a) भीत्रार्थानां भयहेतु
    • (b) अपादाने पञ्चमी
    • (c) आख्यातोपयोगे
    • (d) वारणार्थानामीप्सितः
    उत्तर देखें

    उत्तर: (c)

  102. 102. निम्नाङ्कित में से कालिदास की उक्ति जो नहीं है वह है

    • (a) हितं मनोहारि हि दुर्लभं वचः
    • (b) कामार्ता हि प्रकृति कृपणाश्चेतनाचेतनेषु
    • (c) अर्थो हि कन्या परकीय एव
    • (d) आपन्नार्तिप्रशमनफला सम्पदो ह्युत्तमानाम्
    उत्तर देखें

    उत्तर: (a)

  103. 103. घण्टापथ नाम की टीका किस ग्रन्थ की है ?

    • (a) मेघदूत की
    • (b) किरातार्जुनीय की
    • (c) उत्तररामचरित की
    • (d) शिवराजविजय की
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b)

  104. 104. लभ् धातु आत्मनेपद के विधिलिङ् में मध्यम पुरुष, बहुवचन का रूप है

    • (a) लभेध्वम्
    • (b) लभध्वम्
    • (c) लभेत
    • (d) लभेः
    उत्तर देखें

    उत्तर: (a)

  105. 105. “आख्यातोपयोगे” इस सूत्र से सिद्ध होता है

    • (a) मातुर्निलीयते कृष्णः
    • (b) नटस्य गाथां श्रृणोति
    • (c) हिमवतो गङ्गा प्रभवति
    • (d) उपाध्यायादधीते
    उत्तर देखें

    उत्तर: (d)

  106. 106. मातृ शब्द के पञ्चमी विभक्ति के एकवचन में रूप बनता है

    • (a) मातृस्य
    • (b) मातातः
    • (c) मातात्
    • (d) मातुः
    उत्तर देखें

    उत्तर: (d)

  107. 107. “अस्मद्” शब्द का चतुर्थी एकवचन में रूप होगा

    • (a) आवाभ्याम्
    • (b) मह्यम्
    • (c) मत्
    • (d) अस्मभ्यम्
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b)

  108. 108. “श्रियायुत्सकः” में दो पद हैं

    • (a) श्री तथा आयुत्सकः
    • (b) श्रिय तथा आयुत्सकः
    • (c) श्रिया तथा युत्सकः
    • (d) श्रियैः तथा उत्सुकः
    उत्तर देखें

    उत्तर: —

  109. 109. निम्नलिखित में से नीतिशतक का सूक्ति वाक्य है

    • (a) कर्मायत्तं फलं पुंसाम्
    • (b) बुद्धिः कर्मानुसारिणी
    • (c) नमः कर्मणे
    • (d) उपर्युक्त तीनों
    उत्तर देखें

    उत्तर: (d)

  110. 110. “रिक्तं सर्वो भवति हि लघुः पूर्णता गौरवाय” यह सूक्ति उद्धृत है

    • (a) कादम्बरी से
    • (b) शुकनासोपदेश से
    • (c) मेघदूत से
    • (d) अभिज्ञान शाकुन्तल से
    उत्तर देखें

    उत्तर: (c)

  111. 111. तीन का स्त्रीलिङ्ग में संस्कृत में अनुवाद होगा

    • (a) तिस्रः
    • (b) त्रीणि
    • (c) त्रयाः
    • (d) त्रयः
    उत्तर देखें

    उत्तर: (a)

  112. 112. “परभृत विरुतम्” इस पदसमुच्चय का अभिप्राय है

    • (a) काक-ध्वनि
    • (b) कोकिल-ध्वनि
    • (c) मधुर-ध्वनि
    • (d) चक्रवाक-ध्वनि
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b)

  113. 113. “को नामोष्णोदकेन नवमालिकां सिञ्चति” यह कथन है

    • (a) शकुन्तला का
    • (b) अनसूया का
    • (c) प्रियंवदा का
    • (d) कण्व शिष्य का
    उत्तर देखें

    उत्तर: (c)

  114. 114. “वामाः कुलस्याधयः” इस पंक्ति में प्रयुक्त आधयः का अर्थ है

    • (a) मानसिक पीडा
    • (b) अधिक योग्य
    • (c) कुल वृद्धिकारक
    • (d) हितकारी
    उत्तर देखें

    उत्तर: (a)

  115. 115. शुकनासोपदेश विहित है

    • (a) तारापीड के लिए
    • (b) चन्द्रापीड के लिए
    • (c) महाश्वेता के लिए
    • (d) शुकदेव के लिए
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b)

  116. 116. नृशब्द के प्रथमा विभक्ति में रूप होते हैं

    • (a) नरः – नरौ – नराः
    • (b) नृ – नरौ – नरः
    • (c) ना – नरौ – नराः
    • (d) ना – नरौ – नरः
    उत्तर देखें

    उत्तर: (d)

  117. 117. “कवीनां कविषु वा कालिदासः श्रेष्ठः” किस सूत्र से बनता है ?

    • (a) आयुक्त कुशलाभ्यां चासेवायाम्
    • (b) यतश्च निर्धारणम्
    • (c) षष्ठी चानादरे
    • (d) यस्य भावेन भावलक्षणम्
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b)

  118. 118. कामदेव का पर्याय नहीं है

    • (a) पञ्चशर
    • (b) हलायुध
    • (c) सत्यक
    • (d) पुष्पधन्वा
    उत्तर देखें

    उत्तर: —

  119. 119. “निगृह्यमाणा बटवः पदे पदे यजूंषि सामानि च यस्य शङ्कितः” यह पंक्ति किस कवि की कीर्ति को अभिव्यक्त करती हैं ?

    • (a) बाणभट्ट की
    • (b) भारवि की
    • (c) भर्तृहरि की
    • (d) भवभूति की
    उत्तर देखें

    उत्तर: (a)

  120. 120. शिवोऽर्च्यः का सन्धि विच्छेद होगा

    • (a) शिवस् + अर्च्यः
    • (b) शिवः + अर्च्यः
    • (c) शिव + अर्च्यः
    • (d) शिवस् + र्च्यः
    उत्तर देखें

    उत्तर: (a)

  121. 121. “चिन्ताजडं दर्शनम्” यहां चिन्तातुर स्वरूप किसका है ?

    • (a) काश्यप का
    • (b) गौतम का
    • (c) विश्वामित्र का
    • (d) शारद्वत का
    उत्तर देखें

    उत्तर: (a)

  122. 122. “द्वैतवने वनेचरः” यहां प्रयुक्त वनेचर में समास है

    • (a) द्वन्द्व
    • (b) अलुक् सप्तमी तत्पुरुष
    • (c) बहुव्रीहि
    • (d) कर्मधारय
    उत्तर देखें

    उत्तर: (b)

  123. 123. “शोकज्वालावलीढ़म्” इसमें अलङ्कार है

    • (a) रूपक
    • (b) अतिशयोक्ति
    • (c) अप्रस्तुत प्रशंसा
    • (d) निदर्शना
    उत्तर देखें

    उत्तर: (a)

  124. 124. शिवराजविजय में निःश्वासों की संख्या है

    • (a) 3
    • (b) 4
    • (c) 7
    • (d) 12
    उत्तर देखें

    उत्तर: (d)

  125. 125. कौन सा विशेषण सूर्य का नहीं है ?

    • (a) गुरुसेवन पटुः
    • (b) शोकः विमोकः कोकलोकस्य
    • (c) कुण्डलमाखण्डलदिशः
    • (d) अवलम्बोरोलम्बकदम्बस्य
    उत्तर देखें

    उत्तर: (a)

उत्तर देखें

उत्तर कुंजी

उत्तर कुंजी इस परीक्षा की उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की आधिकारिक उत्तर कुंजी से है। “—” का अर्थ है कि कुंजी में उत्तर नहीं दिया गया: प्रश्न हटाया गया।

Sanskrit

प्र. 1
(d)
प्र. 2
(b)
प्र. 3
(b)
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(a)
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प्र. 6
(c)
प्र. 7
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(a)
प्र. 20
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प्र. 125
(a)